(निबंधकार) साहित्य सुमन, भट्ट निबंधावली
प्रेम पुष्पावली, मन की लहर, हठी हम्मीर
भारतेंदु युग वह सेतु है जिसने हिंदी साहित्य को मध्यकाल की श्रृंगारिकता से निकालकर आधुनिक काल की वास्तविकता और राष्ट्रीयता से मिलाया। इसी युग में हिंदी पत्रकारिता और नाटक जैसी विधाओं का वास्तविक विकास हुआ। मन की लहर
इस युग के कवियों ने देशप्रेम और राष्ट्रभक्ति पर बल दिया। अंग्रेजों के शोषण के विरुद्ध आवाज उठाना और भारतीयों में गौरव जगाना प्रमुख लक्ष्य था।
क्या आप भारतेंदु युग के किसी या उनकी काव्यगत शैली के बारे में विस्तार से जानना चाहेंगे? मयंक महिमा पावस पचासा
इस काल में संस्कृत, अंग्रेजी और बांग्ला के प्रसिद्ध ग्रंथों का हिंदी में बड़े स्तर पर अनुवाद हुआ, जिससे हिंदी साहित्य समृद्ध हुआ।
जीर्ण जनपद, आनंद अरुणोदय, मयंक महिमा हो हो होरी
पावस पचासा, सुकवि सतसई, हो हो होरी